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जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सुभारती मेडिकल कॉलेज पर ₹87.50 करोड़ का वसूली वारंट जारी

DM Dehradun Savin Bansal Action

जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सुभारती मेडिकल कॉलेज पर ₹87.50 करोड़ का वसूली वारंट जारी

6 वर्षों तक 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान चलाना पड़ा भारी

अगले कुछ दिनों में बैंक खाते सीज व संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव

जनता के धन की लूट बर्दाश्त नहीं, हर हाल में होगी वसूली : जिलाधिकारी

चिकित्सा शिक्षा निदेशक की संस्तुति पर कार्रवाई

देहरादून। जनपद के बड़े बकायेदारों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष वसूली अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹87.50 करोड़ का वसूली/कुर्की वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर की गई है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाया राजस्व की वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है। आगामी कुछ ही दिनों में संस्थान के बैंक खाते सीज करने एवं संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित संस्थान द्वारा पिछले 6 वर्षों से लगभग 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूल किया गया, जबकि संस्थान के पास आवश्यक संरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इस गंभीर अनियमितता के कारण राज्य सरकार पर भारी वित्तीय भार पड़ा।

उच्चतम न्यायालय का आदेश:-
शैक्षणिक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाने वाले द्वितीय बैच के 74 छात्रों द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका (सिविल) दायर की गई थी, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि संस्थान में आवश्यक संरचना उपलब्ध नहीं होने के कारण नियमित शिक्षा संभव नहीं थी।
वर्ष 2019 में माननीय उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी 300 छात्रों को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए तथा उनसे केवल राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लागू शुल्क ही लिया जाए। इस आदेश की पुनः पुष्टि 12 अप्रैल 2019 को की गई थी।

इन छात्रों को समायोजित करने हेतु लगभग एक नए मेडिकल कॉलेज के समकक्ष संरचना विकसित करनी पड़ी, जिससे राज्य सरकार पर अनावश्यक वित्तीय भार आया, जबकि संस्थान द्वारा छात्रों से बिना सेवा प्रदान किए शुल्क वसूला गया था।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक की संस्तुति:-
चिकित्सा शिक्षा निदेशक द्वारा संस्थान से पूर्ण वसूली की संस्तुति जिलाधिकारी को की गई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

राजस्व वसूली को लेकर सख्त रुख:-
जिलाधिकारी ने कहा कि “जनता के धन की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में छोटे एवं बड़े सभी बकायेदारों की विस्तृत सूची तैयार करें तथा विशेष अभियान चलाकर वसूली सुनिश्चित करें। तहसीलों से दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर कुर्की, बैंक खाता सीज, नोटिस एवं अन्य विधिक कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं के लिए जनता की कमाई से एकत्र धन अत्यंत महत्वपूर्ण है और राजस्व हानि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। जिला प्रशासन पूर्ण पारदर्शिता एवं सख्ती के साथ अभियान को आगे बढ़ाएगा।

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