देहरादून में गैस की कालाबाजारी पर सीधे जेल, डीएम का हड़कंप मचाने वाला आदेश, रडार पर 72 एजेंसियां
देहरादून (ब्यूरो)। देहरादून में एलपीजी गैस की किल्लत और अवैध कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने साफ कर दिया है कि गैस के अवैध संग्रहण या रिफिलिंग में संलिप्त पाए जाने पर न केवल एजेंसी सील होगी, बल्कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। जिले की सभी 72 गैस एजेंसियों की लोकेशन अब प्रशासन की सीधी निगरानी में है।
देहरादून में एलपीजी गैस सप्लाई (LPG Supply Dehradun) को सुव्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट में तेल कंपनियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ हाई-लेवल बैठक की। डीएम ने दोटूक शब्दों में कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गैस वितरण में पहली प्राथमिकता घरेलू ग्राहकों को दी जाए और होम डिलीवरी पूरी तरह ओटीपी (OTP) आधारित होनी चाहिए। यदि किसी एजेंसी ने सॉफ्टवेयर खराब होने का बहाना बनाया, तो उसे मैनुअल बुकिंग रजिस्टर और संपर्क नंबर सार्वजनिक करना होगा।
रडार पर 72 एजेंसियां और छापेमारी के
शिकायतों के लिए ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित
गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति जानने और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में विशेष डेस्क बनाई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि रोजाना सुबह एक घंटा यहाँ बैठकर सोशल मीडिया इनपुट और प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेंगे। नागरिक अपनी शिकायत दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 या व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर दर्ज करा सकते हैं।
अफवाहों से बचें, पर्याप्त है स्टॉक
डीएम ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या पैनिक का शिकार न हों। जिले में 7.81 लाख घरेलू और 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस स्टॉक उपलब्ध है। आपूर्ति भगवानपुर, लंढौरा, बादराबाद और लोनी डिपो से निरंतर जारी है। प्रशासन ने चिकित्सालयों और छात्रावासों को व्यवसायिक गैस वितरण में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।




